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शर्मिला जब कॉलेज से लौटी तो उसने देखा कि उसके घर में मेहमान आए हुए थे !जैसे ही वह घुसी उसे सब ध्यान से देखने लगे! शर्मिला को बहुत अजीब लगा !वह अंदर चली गई! मां ने कहा :-"जल्दी से तैयार होकर आओ ! चाय बना रही हू तुम लेकर ड्राइंग रूम में जाना !" "क्यों मां ? .तुझे लड़के वाले देखने आए हैं !" सुनते ही शर्मिला भड़क उठी:-" मां मैंने पहले कह दिया था मुझे शादी नहीं करनी !" "तू लड़की होकर अपना फैसला करेगी? हम क्या तेरा अहित चाहते हैं?" थोड़ी देर बाद बड़ी अनिच्छा से शर्मिला चाय लेकर ड्राइंग रूम में आई! हल्के नीले रंग की साड़ी मैचिंग इयररिंग्स हार पहने वह बहुत ही सुंदर लग रही थी ! निगाह उठाकर उसने लड़के की तरफ देखा तो लड़का भी कम नहीं था !! अगर वह 20 थी तो लड़का 21 था ! लंबे कद का सुंदर, घुंघराले बालों वाला रजत भी कम नहीं लग रहा था! उसने धीरे से चाय टेबल पर रखी और फिर सबको दी ! महिला ने पूछा :-"बेटी तुम्हारा क्या नाम है?" "शर्मिला !" धीरे से उसने कहा... और मन में सोचा:--" ऐसे क्या हो जाएगा ? शादी तो मैं वही करूंगी जहाँ मैं चाहती हूं !" फिर जब तक वे लोग बैठे रहे वह भी तब बैठी रही ...और उन लोगों के प्रश्नों के उत्तर बड़ी शालीनता से दिए ! उनके जाने के बाद आई और अपनी मां से बोली :-"मां मैंने तुम्हें बताया तो था कि मैं कि राजेश से शादी करना चाहती हूं !" "हां बेटी ! मगर इतनी हमारी हैसियत नहीं है कि इतना दहेज दे सके जितना वे लोग चाहते हैं ! वे लोग बहुत लालची हैं!" "मम्मी ऐसा नहीं है ! राजेश मुझसे शादी कर लेगा ! एक पैसा भी दहेज में नहीं लेगा!" उसकी मां मुस्करा कर बोली :-" बेटी ऐसा नहीं है !"काश !ऐसा ही होता !" दूसरे ही दिन शर्मिला ने फोन किया और तुरंत ही आकर पार्क में मिलने को कहा ! राजेश उसे पार्क में मिलने आया तो उसने कहा :-" मेरी शादी तय हो रही है राजेश !!" राजेश और शर्मिला 2 सालों से एक दूसरे से प्रेम कर रहे थे और दिन- रात उनकी फोन पर बातचीत भी होती थी ! शर्मिला राजेश को बहुत ही ज्यादा और सच्चा प्यार करती थी ! अगर उसकी सुबह उसके मैसेजों से शुरू होती थी तो रात में भी उससे बात करके ही सोती थी ! राजेश ने कहा :-शर्मिला !तो इसमें घबराने वाली बात क्या है ?" "क्या ??" शर्मिला हैरान होकर बोली :--घबराने वाली बात नहीं है ? मेरी शादी तय हो जाएगी ! राजेश ! मैं किसी और की हो जाऊंगी !" "तो क्या हुआ ?" उसने प्यार से शर्मिला के हाथ को सहलाते हुए कहा :--"प्यार तो हम तब भी करते रहेंगे !" "क्या कहा ? शादी मेरी किसी और के साथ हो जाएगी फिर भी हम प्यार करते रहेंगे ?" "क्यों ? प्यार तो सच्चा होता है ना ? प्यार क्यों नहीं करते रहेंगे ?" "क्या तुम होश में तो हो ? यह कैसे संभव है !! मुझसे शादी कर लो!! उसके कंधे पर सांत्वना पूर्वक हाथ रखते हुए राजेश ने कहा :--"डोंट वरी शर्मिला !! अगर हम भाग कर शादी कर ले तो क्या होगा? हम भूखे मर जाएंगे ! मेरी कोई जॉब नहीं है ....सो डोंट वरी एंड बी प्रैक्टिकल!!" बी प्रेक्टिकल ?" शर्मिला के माथे पर बल पड़ गए:-"उसका दिल टूटा था जिसकी आवाज तो नहीं आई,पर चोट तगड़ी थी जो आंसुओं से अपनी कहानी कहने लगी :--"इतने दिनों तक तुम मुझसे बात करते रहे....प्यार का नाटक करते रहे .... इसका मतलब तुम मुझसे खेलते रहे... . इंजॉय करते रहे ! राजेश ने उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे समझाना चाहा ! शर्मिला ने उसका हाथ झटक दिया ...और वहां से चल दी!! पीछे से राजेश ने कहा :--"समझने की कोशिश करो ! मैं भी तुमसे शादी कर लूं तो तुम्हें कहां रखूंगा ? रही बात प्यार की ? मुस्कान चेहरे पर सजाकर बोला:- प्यार तुम मुझे शादी के बाद भी कर सकती हो ! बंदा हाजिर रहेगा !!" " मुझे नहीं पता था कि तुम इतने कमीने हो ?" अपमान से तिलमिलाते हुए राजेश बोला:--"ऐसा कहने से पहले अपनी शक्ल और औकात देखी होती!" शर्मिला और नहीं सुन सकी...न रुक सकी !! वह जल्दी से जल्दी घर आई ! चुपके- चुपके आंसू बहाते रही.... किसी को बता भी तो नहीं सकती थी!! फिर उसकी शादी धूमधाम से हो गई !अब वह राजेश से नफरत करने लगी थी ! उधर रजत के रूप में उसे प्यार करने वाला पति मिला था ! और सुंदर तो वह राजेश से बढ़कर था ! राजेश तो उसके सामने कुछ भी नहीं था ....अब उसे अपने आप पर पछतावा हो रहा था कि उसने राजेश से प्यार क्यों किया था? और ऐसा लग रहा था कि वह गलत कदम उठाने जा रही थी !! सही वक्त पर भगवान ने उसे बचा लिया !" शादी के बाद पहली बार वह अपने मायके आई हुई थी माँ ने बताया कि राजेश का विवाह भी हो गया है !अब उसे बहुत आश्चर्य लगा कि उसने इतनी जल्दी विवाह कैसे कर लिया ? क्योंकि अभी तो शादी का अता -पता भी नहीं था ! फिर मोहल्ले से पता चला कि भारी दहेज के कारण राजेश ने उससे जानबूझकर शादी नहीं की थी ! कार उसे दहेज में मिली

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