#...*किसी ने क्या खूब लिखा है* *"वक़्त"* निकालकर *"बाते"* कर लिया करो * "अपनों से" *अगर *"अपने ही"* न रहेंगे तो *"वक़्त"* का क्या करोगे.... 😊🙇😊 😊🙇😊 **Good night **
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मार्च, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
Rahul Kumar Gupta Reotipur Ghazipur
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#रास्ते 🚔बेशक 🚶#मुश्किल 🏊हो पर✌ #मंज़िल 👣जरूर🙌 #पाएंगे ये😎 जो #किस्मत😑 अकड़😏 के बैठी😞 है #एक दिन🌎 इसे 😫#ज़रूर😇 हराएंगे 👉👉#एक☝अलग सी🛃#पहचान 😎बनाने की #_आदत 🙆है हमें😍 #_जख्म😰😂हो#_जितना 😳_#_गहरा 😖उतना #__मुस्कुराने 😁की #_आदत😉 है हमें 😄 "3 सरदार पिकनिक पर गये 👣👣👣 वहा जाकर याद आया 😯 😦 😧 " पेप्सी " तो घर पर ही भूल गये ... 😶 😐 😶 फिर सब ने डिसाईड किया कि सबसे छोटा सरदार जाकर " पेप्सी " लेकर आयेगा... छोटा सरदार: " मे एक शर्त पर जाउँग 🚶🏃🚶🏃🚶🏃🚶🏃 तुम दोनो मेरे आने तक समोसे नही खाँओगे.." 😐 दोनो ने कहा ठीक है 😐 .. .. 20 मिनिट गुजर गये .. .. .. 40 मिनिट गुजर गये .. .. .. .. .. .. 🕛 🕐 🕑 🕒 🕓 🕔 🕕 🕖 🕗 🕘 🕙 🕚 🕛 🕐 🕑 🕒 🕓 🕔 🕕 2 घंटे गुजर गये छोटा सरदार नहीं आया । 🕛 🕐 🕑 🕒 🕓 🕔 🕕 🕖 🕗 🕘 🕙 🕚 🕛 🕐 🕑 🕒 🕓 🕔 🕕 🕛 आधा दिन गुजर गया रात हुई लेकिन छोटा सरदार नही आया.. . . 😕 दोनो ने सोचा 😕 कि अब समोसे खा लेने चाहिये .. जैसे ही समोसा हाथ मे...
Shobha
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'शोभा !' उसके कानों के पास कोमलता से अरुण उसका नाम पुकार रहा था. अरुण इसी कमरे में है उसे पता था , पर उसकी इस असहज निकटता से वह एकदम चौंक गयी और उसने मुड़ कर पीछे देखा. अरुण इधर- उधर देखने लगा, वह इंतजार करती रही कि वह जो भी कहने आया है कहे . पर जब वह अखबारों को इधर - उधर ,ऊपर - नीचे करने में लग गया तो उसने थकी सी आवाज में पूछा- 'क्या है अरुण, क्या कह रहे थे तुम ?' इस बार अरुण ने शोभा की आंखों में सीधा झांकते हुए कहा - ----'कुसुम वापस आ गयी है.' ----'क्या मजाक करते हो अरुण.' -----'कसम से,मेरे साथ चल के देख लो विश्वास न हो तो.' ----' लेकिन ये कैसे हो सकता है?',उसने जैसे अपने से ही सवाल किया. ----' क्यों नहीं हो सकता ? कह रही है कि तुमसे बात करेगी.' ----'मुझसे,मुझसे क्या बात करेगी ? तुम हो,उसके दोस्त हैं..' ----' मगर शोभा,तुम उसकी मां हो . वह तुम्हीं से बात करना चाहे तो ?' ----'मैं कुछ नहीं जानती.' ----''ऐसी मूर्खता मत करो . ठंडे दिमाग से सोच लो फिर जाना और उससे बात कर लेना . वह इस बार बि...